
छेलो घर कोनी आयो
रात चड़ी है छेलो घर कोनी आयो -२
गोरी रो जीव थोड़ो घबरायो ओ घबरायो ं
ओ छेलो घर कोनी आयो ।
१. क क कर आवे झपकी, पर नीदं गोरी ने नही ंआवे,
ठंडी रात शरद पूनम री िहवड़ो माहरो जल जावे,
इतने म गेट कोई खड़कायों-२
ओ छेलो घर कोनी आयो…
२. हाथा मेहंदी रंग सुरंगी नैना काजल सारयो जी-२
रंग महल म सेज सजायी गोरी पलंग सजायो जी,
अब तो गोरी रो हीवड़ो भर आयो थोड़ो भर आयो
चेलो ं घर कोनी आयो…
३. िससक िससक कर गोरी रोव तिकयों कारो करयो जी ,
उगते सूरज रिशयो आयो हाथ पीठ पर धरयों जी ,
अब तो ठंडो ंखून गरमायो,ं ओ थोड़ो गरमायो ं
ओ छेलो घर कोनी आयो….
४. हाथ िछटक कर गोरी बोली अब कइया थे घर आया,
सौतन के संग रात िबतायी, चोखा चोखा लाद लड़ाया ( चूमा चाटी कर आया)
जथे सू आया पाछा बठ जाओ..
ओ छेलो घर कोनी आयो..॥
Quick Links
Subscribe to our newsletter
© 2026. Marwari Holi Songs. All rights reserved.
